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ज्योतिष मंदिर में चल रही है श्री राम कथा के दूसरे दिन आचार्य रमेश सेमवाल ने श्री राम की महिमा पर डाला प्रकाश

ByIshrar

Jan 15, 2024

रुड़की।ज्योतिष गुरुकुलम पुरानी,तहसील रुड़की में अयोध्या में श्री राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के अवसर पर श्री राम कथा के द्वितीय दिवस कथा व्यास आचार्य रमेश सेमवाल जी ने कहा कि श्री राम कथा घर-घर व हर मंदिर में होनी चाहिए।श्री राम कथा जीवन बदल देती है।श्री राम कथा संस्कार देती है।श्री राम कथा भक्ति देती है।श्री राम चरित्र मानस के साथ कांड हैं,ये सात कांड श्री राम को प्राप्त करा देते है।आचार्य सेमवाल जी महाराज ने प्रवचन करते हुए कहा कि श्री दशरथ नंदन श्री राम मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम है।राम मंत्र का जाप करने मात्र से मनुष्य भवसागर से पार हो जाता है।कलयुग में काम,क्रोध,लोभ,मोह, अहंकार श्री राम कथा सुनने मात्र से श्री राम चरित्र मानस को पढ़ने मात्र से दूर हो जाते हैं।सुख-शांति समृद्धि आ जाती है।युवा शक्ति को जरूर श्री रामचरितमानस का पाठ पढ़ना चाहिए,जिससे श्री राम चरित्र को धारण करके वह आगे बढ़ सकें।कथा व्यास ने कहा कि अयोध्या में आज श्री राम मंदिर बन रहा है जो हमारी आस्था का सबसे बड़ा केंद्र है।सनातन धर्मलंबियों का सबसे बड़ा केंद्र है।आगामी 22 जनवरी से राम राज्य की स्थापना हो रही है।लाखों लोगों के बलिदान के बाद आज मंदिर बन रहा है।इस तारीख को दीपावली मनाई जाएगी।अयोध्या का राम मंदिर विश्व को एक नया संदेश देगा।चौदह वर्ष वनवास में रहने के दौरान प्रभु श्री राम ने आदिवासी वनवासियों को गले लगाया।संपूर्ण मानव जाति का कल्याण किया।त्याग,तपस्या माता-पिता की भक्ति,गुरुजनों की भक्ति प्रभु राम जी से सीखनी चाहिए।संपूर्ण मानव जाति की रक्षा की।ऋषि-मुनियों के यज्ञ की रक्षा की।राक्षसों का संहार किया और मानवता की रक्षा की,इसलिए हम सबको श्री राम के चरित्र को अपने जीवन में धारण करना चाहिए।भगवान शंकर श्री राम के चरित्र का अपने मुखारविंद से वर्णन करते हुए माता पार्वती को सुनते हैं।श्री राम का मंत्र जपने से संसार के सभी प्राणियों का कल्याण होता है।आचार्य ने बताया कि कथा 22 जनवरी तक चलेगी।इस जनवरी को 1008 दीपक ज्योतिष गुरुकुल में जलाए जाएंगे।विशाल राम मंत्र द्वारा यज्ञ किया जाएगा।कथा में पंडित रजनीश शास्त्री,अमित त्यागी,सोनिया पुंडीर,चित्रा गोयल,रेखा वर्मा,सुलक्षणा सेमवाल,राधा भटनागर, परीक्षा,पूजा वर्मा,इमरान देशभक्त,अदिति सेमवाल,पंडित नरेश शास्त्री,प्रवीन शास्त्री,राम विलोचन शास्त्री,इंद्रमणि सेमवाल आदि मुख्य रूप से मौजूद रहे।

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