उत्तराखंडहरिद्वार

मेला अधिकारी दीपक रावत की अध्यक्षता में एक मीटिंग का आयोजन किया गया

मेला अधिकारी दीपक रावत की अध्यक्षता में एक मीटिंग का आयोजन किया गया

मेला अधिकारी दीपक रावत की अध्यक्षता में एक मीटिंग का आयोजन किया गया

रिपोर्टर सलीम खान

हरिद्वार: 08 अप्रैल । मेला अधिकारी श्री दीपक रावत की अध्यक्षता में बुधवार को देर रात्रि मेला नियंत्रण भवन(सी0सी0आर0) में महाकुम्भ क्षेत्र में शौचालयों की स्थापना, ड्रसिंग-लेबलिंग, पेयजल, विद्युत आदि की व्यवस्थाओं के सम्बन्ध में एक आवश्यक बैठक आयोजित हुई।
बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि अलकनन्दा घाट पर दो प्लेटफार्म के बीच में जो ऊंची-नीची जगह थी, उस पर सीढ़ियां बना दी गयी हैं। कांगड़ा घाट पर मरम्मत कार्य करने के पश्चात जो मलबा पड़ा हुआ था, उसके सम्बन्ध में जानकारी ली गयी। अधिकारियों ने बताया कि हमने 99 प्रतिशत मलबा हटा दिया है, बाकी जल्दी ही उठा लिया जायेगा।
मेलाधिकारी ने कहा कि जिस भी सेक्टर में जो समस्या आ रही है, उसे चिह्नित करके उसका निदान तुरन्त करें। सेक्टर मजिस्ट्रेट लालजीवाला ने बताया कि शिवमूर्ति के सामने लाइट नहीं है। इस पर मेलाधिकारी ने वहां पर यूपीसीएल से तुरन्त लाइट लगाने के निर्देश दिये। उन्होंने यूपीसीएल को ये भी निर्देश दिये कि जहां-जहां लाइट के लिये पोल लगे हैं, वहां-वहां लाइट की व्यवस्था करें।
दीपक रावत ने पेयजल निगम के अधिशासी अभियन्ता से शौचालयों में पानी के कनेक्शन तथा जगह-जगह पीने के पानी की व्यवस्था के सम्बन्ध में जानकारी ली। उन्होंने बताया कि लगभग सभी शौचालयों में पानी का कनेक्शन कर दिया गया है। मेलाधिकारी ने अधिशासी अभियन्ता को निर्देश दिये कि जहां से भी जो भी शिकायत आती है, उनका निराकरण तुरन्त किया जाये। उसमें ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जायेगी।
मेलाधिकारी ने दीन दयाल पार्किंग के पास रेलिंग कटिंग, साॅल क्षेत्र के समतलीकरण कांगड़ा क्षेत्र में चक्रव्यूह केे पास लगे शौचालयों को हटाने के सम्बन्ध में भी अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की।
दीपक रावत ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे सफाई-व्यवस्था पर, खासतौर पर घाटों की सफाई पर विशेष ध्यान दें। उन्होंने सेनेटरी इंस्पेक्टरों को निर्देशित किया कि वे ड्यूटी चार्ट अवश्य बना लें तथा एप के माध्यम से सभी की उपस्थिति दर्ज कराना सुनिश्चित करें।
बैठक में सभी सेक्टर मजिस्ट्रेटों को वाॅकी-टाकी सेट उपलब्ध कराने पर भी विचार-विमर्श किया गया। उन्होंने सेक्टर मजिस्ट्रेटों को स्वयंसेवी संस्थाओं की भी मदद लेने को कहा ताकि महाकुम्भ की व्यवस्थायें बनाने में मदद मिल सके।
मेलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जहां पर भी जो छोटे-मोटे कार्य बचे हैं, उन्हें युद्ध स्तर पर पूरा किया जाये।
इस अवसर पर अपर मेला अधिकारी डाॅ0 ललित नारायण मिश्र, रामजी शरण शर्मा, उप मेला अधिकारी, अंशुल सिंह, दयानन्द सरस्वती, किशन सिंह नेगी, एमएनए जयभारत सिंह, सभी सेक्टर मजिस्ट्रेट, अधीक्षण अभियन्ता, तकनीकी प्रकोष्ठ, कुम्भ मेला, हरीश पांगती, लोक निर्माण, ग्रामीण अभियन्त्रण सेवा, पेयजल, जल संस्थान, विद्युत, सहित अन्य सम्बन्धित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित थे।
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