उत्तरप्रदेशमुजफ्फरनगर

राज्य महिला आयोग की सदस्य डॉ प्रियंवदा तोमर अव्यवस्थाओं को लेकर भड़की

राज्य महिला आयोग की सदस्य डॉ प्रियंवदा तोमर अव्यवस्थाओं को लेकर भड़की

राज्य महिला आयोग की सदस्य डॉ प्रियंवदा तोमर अव्यवस्थाओं को लेकर भड़की
दूसरे कार्यक्रम में ले जाने को लेकर अधिकारियों को लगाई फटकार
नाराजगी को लेकर अधिकारियों में हड़कंप मच गया
फोटो समाचार
जानसठ संवाददाता कार्यक्रम महिला उत्पीड़न से संबंधित शिकायतों की जनसुनवाई का था परंतु जिला प्रोबेशन अधिकारी मुशफेकीन द्वारा कार्यक्रम मैं भीड़ भाड़ दिखाने को लेकर डॉ प्रियंवदा तोमर को पहले से चल रहे बेसिक शिक्षा विभाग के कार्यक्रम में ले गए जबकि उनको उक्त कार्यक्रम की कोई जानकारी भी नहीं थी और ना ही उन्हें उक्त कार्यक्रम के बारे में कुछ बताया गया था जिसको लेकर वह भड़क उठी और उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि वह कार्यक्रम से संतुष्ट नहीं है। इतना सुनते ही अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए ।
राज्य महिला आयोग की सदस्य डॉ प्रियंवदा तोमर का पूर्व निर्धारित कार्यक्रम जानसठ विकासखंड में महिला उत्पीड़न की शिकार महिलाओं की जनसुनवाई एवं समीक्षा बैठक का था। जिला प्रोबेशन अधिकारी द्वारा खंड विकास परिसर में ही बेसिक शिक्षा विभाग के चल रहे दूसरे कार्यक्रम में राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रियंवदा तोमर को ले जाकर बैठा दिया कार्यक्रम को आयोग की सदस्य ने मंच पर मौजूद अधिकारियों को जमकर हटाया जिसको लेकर अधिकारियों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में आंगनबाड़ियों को एक कक्ष में बैठाया गया और कार्यक्रम की औपचारिकता पूरी की गई।जनसुनवाई कार्यक्रम में मात्र 4 शिकायतें आई बाद में राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रियवंदा तोमर ने कम शिकायतें आने को लेकर भी नाराजगी जताई उन्होंने साफतौर पर कहा मैं कार्यक्रम से संतुष्ट नहीं हूं। उन्होंने कहा की आयोजकों ने कार्यक्रम का प्रचार प्रसार नहीं किया जिसके चलते पीड़ित महिलाएं नहीं पहुंच पाई।
सदस्य राज्य महिला आयेाग डा0 प्रियंवदा तोमर करेगी महिला उत्पीडन से सम्बन्धित शिकायतों की जनसुनवाई एवं समीक्षा बैठक का कार्यक्रम मात्र औपचारिकता ही बनकर रह गया। राज्य महिला आयोग की सदस्य उस समय भी नाराज हो गई जब कुछ लड़कियों को सेनेटरी पैड (नैपकिन )वितरित करने का कार्यक्रम था जिसे बिना किसी लिफाफे के उनके सामने रख दिया गया। जिस पर उन्होंने नाराजगी जताई बाद में आयोजकों ने कार्यक्रम के पंपलेट में लपेट कर नैपकिन वितरित कराएं।
मात्र 4 पीड़ित महिलाएं पहुंची
फोटो समाचार
महिला उत्पीड़न जनसुनवाई एवं समीक्षा बैठक में राज्य महिला आयोग की सदस्य डॉक्टर प्रियंवदा तोमर के समक्ष मात्र चार पीड़ित महिलाएं पहुंच पाई। इस दौरान उन्होंने महिलाओं को पारिवारिक समन्वय बनाने के लिए प्रेरित किया।
रामराज थाना क्षेत्र गांव लतीफपुर से आई पीड़ित महिला अरुणा ने बताया कि उसका पति अमित निवासी मीरापुर शराबी है और जबरदस्ती अपने पिता से अवैध संबंध बनाने को लेकर दबाव बनाता है विरोध करने पर मारपीट करता है। महिला का आरोप है कि पूर्व में विवाहिता को जलाने का प्रयास भी किया गया। नगला बुजुर्ग निवासी एक महिला ने शिकायती पत्र भिजवा कर बताया कि उसे पिछले काफी दिनों से बंधक बनाकर रखा गया है। उक्त सभी शिकायतों को संबंधित अधिकारियों को सोपते हुए तत्काल निस्तारण कराए जाने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री के निर्देश पर ब्लॉक एवं तहसील स्तर पर महिला उत्पीड़न से संबंधित जन सुनवाई के लिए निर्देशित किया गया है। उन्होंने बताया कि महिलाओं को आत्मनर्भर बनाने के लिए सरकार ने बहुत सारी योजनाएं चलाई हुई हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि कोई भी पीड़ित महिला बिना किसी निसंकोच के अपनी शिकायत दर्ज कराएं उक्त शिकायत पर तत्काल कार्यवाही की जाएगी पीड़ित हो न्याय दिलाना सरकार की प्राथमिकता है। कार्यक्रम के दौरान 5 नव जन्मी बालिकाओं की माताओं को किट भेंट की साथ ही 10 महिलाओं को विधवा पेंशन प्रमाण पत्र वितरित किए। इस दौरान उन्होंने कहा कि महिलाओं के प्रति अपराध में लगातार कमी आई है मिशन नारी सशक्तिकरण के बाद से महिला उत्पीड़न के मामले घटे हैं उन्होंने बताया कि 32% घरेलू हिंसा, 22% अश्लीलता उत्पीड़न और 10% दहेज उत्पीड़न के मामले रह गए हैं। इस दौरान जिला प्रोबेशन अधिकारी मुशफेकीन एवं एसडीएम जैनद्र सिंह ने डॉ प्रियवंदा तोमर को मोमेंटो भेंट कर सम्मानित किया।

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