राष्ट्रीय

कोरोना वायरस महामारी की वजह से इस बार त्योहार ज़्यादा धूमधाम से नहीं मनाया जा सकेगा। इस जानलेवा वायरस से बचाव के लिए सभी को अपने-अपने घरों में ईद मनानी होगी: शमशाद अहमद

कोरोना वायरस महामारी की वजह से इस बार त्योहार ज़्यादा धूमधाम से नहीं मनाया जा सकेगा। इस जानलेवा वायरस से बचाव के लिए सभी को अपने-अपने घरों में ईद मनानी होगी: शमशाद अहमद

कोरोना वायरस महामारी की वजह से इस बार त्योहार ज़्यादा धूमधाम से नहीं मनाया जा सकेगा। इस जानलेवा वायरस से बचाव के लिए सभी को अपने-अपने घरों में ईद मनानी होगी: शमशाद अहमद

तनवीर

शमशाद अहमद ने कहा बकरीद मुस्लिम समुदाय के सबसे प्रमुख त्योहारों में से एक है, जिसे ईद-उल-फितर के 70 दिन बाद मनाया जाता है। इसे ईद-उल-अजहा या ईद-उल जुहा भी कहा जाता है। बकरीद मुख्‍य रूप से कुर्बानी के पर्व के रूप में मनाया जाता है। यह लोगों को सच्चाई की राह में अपना सबकुछ कुर्बान कर देने का संदेश देती है। इस साल भारत में बकरीद एक अगस्त को मनाई जाएगी। इस साल त्योहारों को मनाने का तरीका बिलकुल बदल गया है। कोरोना वायरस महामारी की वजह से इस बार त्योहार ज़्यादा धूमधाम से नहीं मनाया जा सकेगा। इस जानलेवा वायरस से बचाव के लिए सभी को अपने-अपने घरों में ईद मनानी होगी। मुस्लिम समुदाय को घरों पर ही ईद की मनाज़ पढ़नी होगी और ज़्यादा लोगों से मिलने जुलने से बचना होगा। वहीं महामारी कोविड-19 को देखते हुए शमशाद अहमद ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि विश्व ही नहीं देश में भी कोरोनावायरस ने अपना कहर बरसा रखा है। देश में हजारों की संख्या में लोग संक्रमित है तो मौत के आंकड़े भी कम नहीं है। उन्होंने कहा कि ईद-उल-अजहा की नमाज और कुर्बानी को लेकर सरकार की गाइड लाइन का पालन करें। बकरीद का त्योहार घर में ही मनायें। सामूहिक रूप से नमाज अदा न करें। खुले स्थानों पर कुर्बानी न करें। अगर आपको किसी वजह से घर से बाहर निकलना पड़ता है, तो मास्क लगाना न भूलें। बाज़ार में लोगों से शारीरिक दूरी बनाए रखें। सैनीटाइज़र का इस्तेमाल करें। घर वापस आने पर अच्छी तरह हाथों को धोएं। उन्होंने कहा कि बकरीद का त्योहार और श्रावण मास का अंतिम सोमवार भी है। सभी हिंदू-मुस्लिम भाइयों से अपील है कि आपस में सहयोग बनाकर त्यौहार मनायें।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Close